अध्याय 1: तेवड़ा में जन्म एवं ग्राम-जीवन
स्वामी भीष्म जी महाराज का जन्म ०७ मार्च १८५९ (विक्रमी संवत् १९१५) को तत्कालीन पंजाब के करनाल जिले के तेवड़ा (Tewra) गाँव में हुआ था। पूर्वजों का मुख्य केंद्र थ्योड़ा एवं तेवड़ा था। बचपन का नाम लाल सिंह था। उनके पिता श्री बाहराम (Bahram) तथा माता श्रीमती पार्वती (Parvati) थीं। दादा श्री नानक चन्द (Nanak Chand) एक कुशल शिल्पकार थे जो अपनी उत्कृष्ट तलवारें एवं पारंपरिक पिस्तौलों के लिए विख्यात थे। लाल सिंह ने बचपन से ही अपने दादा की कार्यशाला में शिल्प कौशल सीखा। १८७० के आसपास पिता के देहावसान के बाद परिवार तेवड़ा से पूण्डेरकर (Punderker) आ गया। तत्कालीन समाज संयुक्त परिवार की भाँति आत्मनिर्भर था।