सत्यार्थ प्रकाश
स्वामी दयानन्द सरस्वती द्वारा रचित क्रांतिकारी वैदिक ग्रन्थ जो सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करता है।
आर्य समाज के सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार तथा सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध अभियान (१८७५–१८९०)।
स्वामी दयानन्द सरस्वती द्वारा रचित क्रांतिकारी वैदिक ग्रन्थ जो सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करता है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख केंद्र जहाँ स्वामी दयानन्द सरस्वती के सान्निध्य में सुधार कार्य प्रारंभ हुए।