राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह का शुभकामना संदेश
स्वामी भीष्म जी महाराज की १२२वीं जयंती के अवसर पर भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति माननीय ज्ञानी जैल सिंह द्वारा प्रेषित आदर पत्र।
वैदिक शिक्षा प्रणालियों की स्थापना, कन्या गुरुकुलों का विकास तथा स्वाधीनता संघर्ष (१८९१–१९१०)।
लाला देवराज जी के विशेष अनुरोध पर जालंधर में प्रथम कन्या गुरुकुल पाठशाला की आधारशिला रखी गई।
ब्रिटिश कालीन पंजाब शासकीय दस्तावेज जिसमें जालंधर के कन्या विद्यालयों की स्थापना संबंधी जानकारी दर्ज है।
आचार्य रामदेव द्वारा रचित पुस्तक जिसमें स्वामी जी के स्वतंत्रता संग्राम व सामाजिक जीवन का विवरण है।
पंजाब का वह ऐतिहासिक नगर जहाँ वैदिक शिक्षा तथा गुरुकुल प्रणालियों की नींव रखी गई।