मेरठ

पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख केंद्र जहाँ स्वामी दयानन्द सरस्वती के सान्निध्य में सुधार कार्य प्रारंभ हुए।

हरिद्वार

गंगा के पावन तट पर स्थित वह स्थान जहाँ स्वामी भीष्म जी महाराज ने गहन साधना की थी।